चार राज्यों में भाजपा की जीत के बाद अब देश में के बदले हुए माहौल मे मोदी सुपर पावर हो गए , व पूरेदेश को मान लेना चाहिए कि प्रजातन्त्र की एक महत्वपूर्ण कड़ी नीतीश नीति हो सकती थी, चुकि नीतीश कुमार की पार्टी ने भी अपने को नये सिरे से कयी राज्यों में अनेक सफलता हासिल की,तब भी ये माहौल बना जा रहा है कि नीतीश कुमार को उपराष्ट्रपति बना करactive पोलिटिक्स से इनके जाने की अटकलें हैं और यह देशहित में बहुत अच्छा नहीं है मुझे ऐसा लगता है और तब परिणाम के लिए वो जनता ही जिम्मेवार होगी,. जो अब तक नीतीश कुमार जी को नहीं समझ पायी, अब भी बहुत ज्यादा नहीं बिगड़ा, वक्त रहते सारे विरोधी सोच कर देखे
Thursday, March 31, 2022
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