Tuesday, June 9, 2020

कोविड 19 बिमारी के बीचबिहार चुनाव का आगाज --
हालांकि काफी वक्त है पार्टीज सोच रही होगी कि कार्य कर्ता  तकनीकी रूप से दूसरे के  मुकाबले ज्यादा तैयार रहे इसमे  सत्तारूढ एन डी ए ज्यादा चौकस होकर विपक्षी राजद समर्थित महागठबन्धन पर हावी होने का मौका देख रहा है ।सत्ताधारी राजग के लिए यह कइ मामले मे फायदेमंद साबित हो सकता है ।एक तो विपक्षी महागठबन्धन एकजुटता का प्रदर्शन किया  नही व दूसरे ये कि चुनाव प्रचार मे बिमारी के चलते तकनीकी की आवश्यकता होगी जिसमे भी वो अपने प्रतिद्वंद्वी से पीछे है ।तीसरे सबसे ज्यादा ये कि अमित शाह  जी का बयान  कि नीतीश कुमार ही  है  बिहार के  नेता
तेजस्वी के लिए एक आघात रहा ।  नीतीश कुमार सीधे तौर पर अपने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचने का मौका मिला  पहले से ही उनके पास नीतीश का नाम ही चुनौतीपूर्ण परिस्थिति पैदा कर सकता था अब तो समस्या थोड़ी बङी हो गयी ।
राजद के लिए उनके सहयोगी दल भी समस्या है कि उनमे से एक श्री जीतन राम मांझी गुट  हमेशा असंतुष्ट रहता है तथा दूसरे कुशवाहा गुट भी नेतृत्व को चुनौती देते  रहता है । क्योंकि इन् दोनो को पता है कि नीतीश कुशल राजनीतिज्ञ है  व तेजस्वी अनुभव हीन ।यही मतैक्य स्थिति का लाभ NDA के लिए फायदेमंद है । इसके अलावा भी बिहार का विकास करने की नीतीश का प्रयास भी आगामी चुनाव के लिए एक NDA के लिए महत्वपूर्ण होगा






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