(I neither applied for judge ship at any level nor any state government advocates to my own level, once I joined this noble profession .Did my 'Sanskar' ,not permit also involved here. 🙏point to note that this inverted coma word has no ulternative English word, only an Indian can feel so)
Due to circumstances that created after a less मोदी सरकार के अल्पमत में आ जाने से तथा नीतीश कुमार की पार्टी का कद बड़ा होने पर परिस्थितियों में एक बदलाव दिखा, तमाम अगड़ी व्यवस्था सन्न हो गई, न्यायप्रणाली भी एक ही भाषा में भाव स्पष्ट करने वाले संस्था की तरह बरताव करने को इच्छुक हुयी दिखाई देने लगी, मतलब कि हमेशा की तरह अपनी निष्पक्षता सिद्ध करने की,
तब मुझे भी अपने हितों को देख कर सत्ता के गलियारे में निकलने की शुरुआत करनी पडी, हालांकि झिझक रहा था अपने से जुनियर किस्म के एक व्यक्ति, जिसे नीतीश बाबू अपना उत्तराधिकारी घोषित करने की तरह सोच रहे हैं, से परिचय के लिए जानें से, पर कहा जाता है कि जनकल्याण के लिए अपना कुछ तो त्याग करना चाहिए, तभी कुछ अपना भी सम्भव होता है, वर्ना तीसरे दर्जे वाले न्याय पालिका ( हम पिछडों के लिए दर्जा दिया है) के भरोसे नहीं, अब तीर निशाने पर भी आ गया है क्योंकि नीतीश कुमार के भरोसे चलने वाली मोदी सरकार की विवशता होगी नीतीश प्रथम
No comments:
Post a Comment